शोभना 'शुभि' जय नारायण व्यास विश्वविधालय, जोधपुर में भौतिक विज्ञान की शोधछात्रा हैं . इनका पूरा नाम  शोभना चौधरी 'शुभि' है . इनका जन्म  14 जुलाई १९८५ को  जोधपुर (राजस्थान) में हुआ . ये वेहद संवेदनशील रचनाकार है . इनकी संवेदनाओं को काफी भीतर तक महसूस किया जा सकता है . इनके प्रमुख व्यक्तिगत ब्लॉग है  कुछ बीते हुए पल और

अपने बारे में शोभना का कहना है कि " बचपन में ही मम्मी-पापा ने मेरे बालमन में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का बीज बो दिया था. तभी से खुद को किताबों में डुबो लिया. पाठ्य पुस्तकों के अलावा साहित्य पढ़ने के शौक के चलते, धीरे धीरे मैं भी शब्दों को जोड़ने की कला सीखने लगी. शब्दों को सही साँचे में ढालने का प्रयास आज भी करती रहती हूँ." इनकी प्रमुख उपलब्धियां है- १. भारतीय उपराष्ट्रपति द्वारा इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार -२००५-२००६ से सम्मानित २. युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की तरफ से Egypt (मिस्र) में आयोजित 39th International Youth Camp under the motto "Dialogue is the Way to Peace" (३९वें ''संवाद है शांति का मार्ग'' नाम से अंतर्राष्ट्रीय युवा शिविर) में चारसदस्यी दल में जाने का मौका मिला ३. गणतंत्र दिवस परेड-२००४, राजपथ, नई दिल्ली में NSS (राष्ट्रीय सेवा योजना) कैडेट के तौर पर परेड में हिस्सा लिया.....प्रस्तुत है इनकी एक प्यारी सी कविता-








'अजीब दस्तूर'

दुनिया का अजीब
दस्तूर बन गया
आजकल सीखना
थोडा मुश्किल
और सीखाना
चुटकियों का
खेल बन गया
अब तो धर्म को
सिखाने के भी
ठेकेदार बाजार में है
पर वो खुद भी
सीख पाए है
धर्म का मर्म
यह बात संशय में है
कितना चिंताजनक
पहलू है यह
सिखाने का जितना
विक्रय बढ़ा है
सीखने का
हौसला उसी
अनुपात में घटा है
चंद पैसों के
बूते पर प्रमाण पत्र
जमा हो जाते है
पर जीवन मूल्य
बीच चौराहों पर
बिखर जाते है !

() शोभना चौधरी 'शुभि'
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7 comments:

रश्मि प्रभा... ने कहा… 14 मई 2010 को 2:18 pm

बहुत बढ़िया

रंजन ने कहा… 14 मई 2010 को 2:20 pm

bahut khub..

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा… 14 मई 2010 को 2:47 pm

सुंदर रचना। हार्दिक बधाई।

दीपक 'मशाल' ने कहा… 14 मई 2010 को 3:12 pm

Well said.. beautiful creation

mala ने कहा… 15 मई 2010 को 10:23 am

उम्दा प्रस्तुती ,आपको अनेक शुभकामनायें /

पूर्णिमा ने कहा… 15 मई 2010 को 10:26 am

सुन्दर रचना

Mukesh Kumar Sinha ने कहा… 19 मई 2010 को 4:45 pm

jeevan mulyon ka beekna, sach me bahut dukh dayee hai.......!!

par koi nahi, jindagi me bahut saare aise shaks har waqt rahenge jo in mulyon ke jhande ko ta-jindagi sambhale rahenge!!

bahut achchhi
god bless!!

 
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