ब्लोगोत्सव-२०१० पर प्रकाशित यात्रा वृत्तांत गंगा सागर की यात्रा को वर्ष का बेहतरीन यात्रा संस्मरण के रूप में चुनाव करते हुए ब्लोगोत्सव की टीम ने श्री मनोज कुमार को वर्ष के श्रेष्ठ लेखक (यात्रा वृत्तांत ) के रूप में अलंकृत करते हुए सम्मानित करने का निर्णय लिया है . "जानिये अपने सितारों को " के अंतर्गत प्रस्तुत है उनसे पूछे गए कुछ व्यक्तिगत प्रश्नों के उत्तर-

(१) पूरा नाम :

मनोज कुमार
(२) पिता :

स्व. श्री अवधेश शरण

माता का नाम/

श्रीमती राम यशी देवी

जन्म स्थान :

समस्तीपुर (बिहार)
(३) वर्तमान पता :
फ़्लैट नं. 19,
30-बेलवेडियर रोड,
अलीपुर,
कोलकाता 700 027
(पश्‍चिम बंगाल)
(३) ई मेल का पता :

mr.manojiofs@gmail.com


(३) टेलीफोन/ 033-24791748
मोबाईल न. – 09831841741
(४) आपके प्रमुख व्यक्तिगत ब्लॉग :
http://manojiofs.blogspot.com/
http://raj-bhasha-hindi.blogspot.com/


(५) अपने ब्लॉग के अतिरिक्त अन्य ब्लॉग पर गतिविधियों का विवरण :
http://chitthacharcha.blogspot.com/ पर शनिवार को नियमित चर्चा।
http://charchamanch.blogspot.com/ पर रविवार को नियमित चर्चा।
(६) अपने ब्लॉग के अतिरिक्त आपको कौन कौन सा ब्लॉग पसंद है ?
लिस्ट बहुत लंबी है।
(७) ब्लॉग पर कौन सा विषय आपको ज्यादा आकर्षित करता है?
सबसे ज़्यादा हास्य-व्यंग्य।
(८) आपने ब्लॉग कब लिखना शुरू किया ?
सितंबर 2009 से।
(९) यह खिताब पाकर आपको कैसा महसूस हो रहा है ?
लग रहा है ब्लॉग लेखन सफल हुआ। इसी आलेख पर ज्ञान जी की टिप्पणी आई थी

ज्ञानदत्त पाण्डेय Gyandutt Pandey said...
यह है अनुपम ब्लॉगिंग का नमना। बहुत ही नायाब पोस्ट। मानो हम गंगासागर हो आये।
एबस्ट्रेक्ट या काल्पनिक के लेखन की बजाय यह् ब्लॉगिंग बहुत सार्थक है।
बहुत धन्यवाद।
तब जो खुशी हुई थी वह दोगुनी हो गई आपका ई-मेल पाकर।

(१०) क्या ब्लोगिंग से आपके अन्य आवश्यक कार्यों में अवरोध उत्पन्न नहीं होता ?
बिल्कुल नहीं। बल्कि इससे मैं और भी तर-ओ-ताज़ा हो जाता हूं और एक नई ऊर्जा के साथ अन्य कार्य करता हूं।
(११) यदि होता तो उसे कैसे प्रबंध करते ?
सोने का समय कम कर देता, और रात में ब्लॉगिंग करता।
अन्य प्रकार के मनोरंजन (टीवी, फ़िल्म आदि) में व्यतीत होते समय को कम करता।
(11) ब्लोगोत्सव जैसे सार्वजनिक उत्सव में शामिल होकर आपको कैसा लगा ?
जी अत्यंत ही सुखद अनुभूति रही।
(१२) आपकी नज़रों में ब्लोगोत्सव की क्या विशेषताएं रही ?
वेरायटी।
गाम्भीर्य।
स्वस्थ चर्चा।
नए लोगों को भी प्रोत्साहान। मैं भी तो इस क्षेत्र में नया ही था।
(१३) ब्लोगोत्सव में वह कौन सी कमी थी जो आपको हमेशा खटकती रही ?
मैं कमी नहीं देखता।
(१४) ब्लोगोत्सव में शामिल किन रचनाकारों ने आपको ज्यादा आकर्षित किया ?
रश्मि प्रभा जी।
(१५) किन रचनाकारों की रचनाएँ आपको पसंद नहीं आई ?
मैं कमी नहीं ढूंढता।
(१६) क्या इस प्रकार का आयोजन प्रतिवर्ष आयोजित किया जाना चाहिए ?
अवश्य!
(१७) आपको क्या ऐसा महसूस होता है कि हिंदी ब्लोगिंग में खेमेवाजी बढ़ रही है ?
जी हां। मैंने चिठियाना-टिपियाना के माध्यम से अपने ब्लॉग मनोज पर कई आलेख लिखे हैं।
(१८) क्या यह हिंदी चिट्ठाकारी के लिए अमंगलकारी नहीं है ?
यह भी मंथन का एक दौर है। फालतू चीज़ें टिकती नहीं।
(१९) आप कुछ अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में बताएं :
एक साधारण से परिवार में जन्म लेकर सिविल स्र्विसेज़ प्रतियोगिता परीक्षा द्वारा ग्रूप ’ए’ की सरकारी नौकरी में लगा। रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन की ईकाई है – अयुध निर्माणी बोर्ड, कोलकाता में। फिलहाल निदेशक के पद पर कार्य रत हूं।
परिवार में पत्नी और दो पुत्र हैं।
(२०) चिट्ठाकारी से संवंधित क्या कोई ऐसा संस्मरण है जिसे आप इस अवसर पर सार्वजनिक करना चाहते हैं ?
मुझे याद है जिस दिन आज सक्रियता रैंक के टॉप के ब्लॉगर की उड़न तश्तरी मेरे ब्लॉग पर उतरी थी तो सारा दिन कूद-कूद कर मैं अपने सभी परिवारजनों और इस्टमित्रों को उनके कमेंट्स बार बार दिखा रहा था। सारी रात जाग कर नई नई रचनाएं लिख रहा था ताकि ये तश्तरी बार-बार तशरीफ लाएं।
(२१) अपनी कोई पसंदीदा रचना की कुछ पंक्तियाँ सुनाएँ : (यदि आप चाहें तो यहाँ ऑडियो/विडिओ का प्रयोग भी कर सकते हैं )
http://manojiofs.blogspot.com/2009/10/blog-post_20.html


छोड़ दी बैसाखियाँ जब,
चरण ख़ुद चलने लगे।
हृदय में नव सृजन के
भाव फिर पलने लगे।
भावनाओं का उमड़ता, वेगमय उल्लास लेकर।
समय देहरी पर खड़ा है हाथ में मधुमास लेकर।
एक गहरी श्वांस लेकर !!


बहुत बहुत धन्यवाद .....इस अवसर पर ऋग्वेद की दो पंक्तियां आपको समर्पित है कि - ‘‘आयने ते परायणे दुर्वा रोहन्तु पुष्पिणी:। हृदाश्च पुण्डरीकाणि समुद्रस्य गृहा इमें ।।’’अर्थात आपके मार्ग प्रशस्त हों, उस पर पुष्प हों, नये कोमल दूब हों, आपके उद्यम, आपके प्रयास सफल हों, सुखदायी हों और आपके जीवन सरोवर में मन को प्रफुल्लित करने वाले कमल खिले।

प्रस्तुति : रवीन्द्र प्रभात

17 comments:

संगीता पुरी ने कहा… 15 जुलाई 2010 को 3:51 pm

मनोज कुमार जी को बहुत बहुत बधाई !!

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा… 15 जुलाई 2010 को 3:52 pm

मनोज कुमार जी को बहुत बहुत बधाई....

डा.सुभाष राय ने कहा… 15 जुलाई 2010 को 4:30 pm

manoj jee, bahut saree badhaaiya. aap bhavishy men isse bhee achchhaa likhen.

वन्दना ने कहा… 15 जुलाई 2010 को 4:44 pm

मनोज कुमार जी को बहुत बहुत बधाई....॥

ρяєєтι ने कहा… 15 जुलाई 2010 को 5:42 pm

bahut badhai Aapko...!

shikha varshney ने कहा… 15 जुलाई 2010 को 6:51 pm

Manoj ji ko bahut bahut badhai.

अनामिका की सदाये...... ने कहा… 15 जुलाई 2010 को 7:07 pm

मनोज जी बहुत बहुत बधाई.

निर्मला कपिला ने कहा… 15 जुलाई 2010 को 8:20 pm

मनोज जी बहुत बहुत बधाई.

मनोज कुमार ने कहा… 15 जुलाई 2010 को 8:53 pm

आप सबों का आभार!

सूर्यकान्त गुप्ता ने कहा… 15 जुलाई 2010 को 9:49 pm

आदरणीय मनोज कुमार जी को बहुत बहुत हार्दिक बधाई।

mala ने कहा… 16 जुलाई 2010 को 11:30 am

मनोज जी को बहुत बधाई !!

पूर्णिमा ने कहा… 16 जुलाई 2010 को 11:34 am

इस सम्मान के लिए मेरी शुभकामनायें

गीतकार /geetkaar ने कहा… 16 जुलाई 2010 को 11:37 am

हार्दिक बधाईयाँ।

खुशदीप सहगल ने कहा… 17 जुलाई 2010 को 8:44 am

मनोज जी को हार्दिक बधाई,

रवींद्र जी और टीम ब्लॉगोत्सव २०१० का इस महत्ती कार्य के लिए आभार...

जय हिंद...

Vinay Prajapati 'Nazar' ने कहा… 20 जुलाई 2010 को 11:07 pm

मेरी भी बधाई स्वीकार करें।

Rajendra Swarnkar ने कहा… 21 जुलाई 2010 को 3:42 pm

आदरणीय मनोज जी
परिकल्पना ब्लॉगोत्सव 2010 में सम्मानित होने पर बहुत बहुत बधाइयां !
मंगलकामनाएं !!
शुभाकांक्षी
- राजेन्द्र स्वर्णकार
शस्वरं

kshama ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 6:23 pm

Manoj ji ko dheron badhayi! Aapka sakshatkar bhi bahut pasand aaya.

 
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