मैं प्रवीण शाह विराम से पूर्व आपको शाश्वत सत्य की कथा सुना रहा था , और अब टाईम ट्रैवल और टाईम मशीन के बहाने ज्योतिष शास्त्र के विज्ञान होने या न होने का विश्लेषण...........

मेरे सत्यसाधक मित्रों,

गणित की ही तरह तर्कशास्त्र में भी यदि हम दो परस्पर विपरीत कथनों की एक साथ तुलना करते हैं, तथा हम पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि इनमें से एक कथन सत्य है/ सत्य हो सकता है तो यह निष्कर्ष मान लिया जाता है कि विपरीत कथन गलत है।

विज्ञान फंतासी लेखकों का एक बड़ा ही लोकप्रिय विषय है टाईम ट्रेवल और टाईम मशीन, यह एक ऐसे उपकरण की कल्पना है जिसमें बैठ कर कोई भी मनुष्य भूतकाल या भविष्य के किसी भी समय में सशरीर अपनी पूरी मानसिक और शारीरिक क्षमताओं के साथ जा सकता है। अब एक पल के लिये मान लीजिये कि टाईम मशीन सचमुच बन सकती है और टाईम ट्रेवल संभव है, अब नीचे लिखी तीन स्थितियाँ देखिये:-
१- बहुत गुस्सेबाज और शक्तिशाली श्रीमान शेर सिंह अपने परदादा की सगाई में जाते हैं और वहीं किसी बात पर अपने परदादा से झगड़ा कर बैठते हैं झगड़ा इतना बढ़ जाता है कि श्रीमान शेर सिंह अपने परदादा की सगाई होने से पहले ही गला दबा कर हत्या कर देते हैं।
२- चरित्रवान, शान्त और आदर्शवादी श्रीमान सौम्य प्रताप विवाह करने से पहले ही अपने प्रपौत्र को देखने जाते हैं टाईम मशीन से, उन्हे प्रपौत्र मिलता तो है पर एक जेल के अंदर जहाँ वो देश के विरूद्ध जासुसी और एक सैन्य अधिकारी की हत्या की सजा काट रहा है। अपने वंश की यह गत देखकर श्रीमान सौम्य प्रताप इतने खिन्न हो जाते हैं कि आजीवन विवाह ही नहीं करते।
३- श्रीमती शान्त शान्ति टाईम मशीन से जाती हैं रामायण काल मे् माता सीता से मिलने, क्योंकि रामायण वो पढ़ चुकी हैं और उसमें हुआ रक्तपात उनको पसंद नहीं इसलिये वो सीता माता को रावण के षड़यंत्र के बारे में बता कर लक्ष्मण रेखा को कतई पार न करने के बारे में आगाह कर देती हैं, माता सीता उनकी सलाह मान लेती हैं और रावण सीता माता का अपहरण करने में नाकाम रहता है, नतीजा राम-रावण युद्ध की आवश्यकता ही नहीं होती।

अब जरा दिमाग पर जोर देकर सोचिये कि क्या उपरोक्त तीन में से कोई कथन सत्य हो सकता है ? जवाब होगा...नहीं!
इसीलिये यह माना जाता है कि कल्पना के घोड़े जितने भी दौड़ा लिये जायें पर हकीकत में टाईम ट्रेवल करना और टाईम मशीन बनना असंभव है।

अब मैं ऊपर बताये गये तरीके से ही ज्योतिष शास्त्र(जो भविष्य को बताने का दावा करता है) के बारे मे निष्कर्ष निकालने का प्रयत्न करूंगा।
स्थिति १ :-
सारे ज्योतिषी एक मत होकर भविष्यवाणी करते हैं कि श्रीमान समंदर लाल की मृत्यु समुद्र में डूबने से ही होगी।
प्रतिक्रिया:- समंदर लाल जी कसम खा लेते हैं कि वो आजीवन अपने १४ मंजिले फ्लैट से ही बाहर नहीं जायेंगे।
स्थिति २ :-
सारे ज्योतिषी एक मत होकर भविष्य वाणी करते हैं कि टीम बेईमानिस्तान अपना ५ दिन बाद होने वाला क्रिकेट मैच जीतेगी।
प्रतिक्रिया:- टीम बेईमानिस्तान मोटी रकम के बदले मैच फिक्स कर लेती है और मैच हार जाती है।
स्थिति ३ :-
सारे ज्योतिषी एक मत होकर भविष्यवाणी करते हैं कि शेयर मार्केट आज ऊपर जायेगा।
प्रतिक्रिया:- कुछ बेईमान और आपराधिक प्रवॄत्ति के मंदड़िये उस दिन शहर में कुछ धमाके करा देते हैं और शेयर बाजार धड़ाम से औंधे मुंह गिर जाता है।

अब हम यदि टाइम मशीन और टाईम ट्रेवल की संभाव्यता के बारे में नतीजे पर पहुंचने के तरीके को यहां पर प्रयोग करें तो आप देखेंगे कि तीनों स्थितियों मे प्रतिक्रिया पूरी तरह संभव है। जिसका सीधा निष्कर्ष है कि चाहे ज्योतिष हो या टैरो या क्रिस्टल बॉल गेजिंग... भविष्य का पूर्ण निश्चितता के साथ कथन असंभव है।
आप सहमत हैं मुझसे या नहीं ?
अपनी टिप्पणी में बताईयेगा जरूर !
आभार!

5 comments:

संजय कुमार चौरसिया ने कहा… 14 जून 2010 को 5:35 pm

bahut sundar

http://sanjaykuamr.blogspot.com/

पूर्णिमा ने कहा… 14 जून 2010 को 5:48 pm

कल्पना की गहराईयाँ ऐसी की कोई भी खो जाए

Arvind Mishra ने कहा… 14 जून 2010 को 6:18 pm

बहुत रोचक

zeashan zaidi ने कहा… 26 जून 2010 को 7:31 pm

प्रवीण जी, मेरे विचार में टाइम मशीन बनाना असंभव नहीं. ज़रा इस नजरिये से विचार कीजिये.

 
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