जा़किर अली 'रजनीश' हमारे ब्लोगोत्सव की टीम के एक जिम्मेदार सदस्य हैं , किन्तु भारतीय स्तर पर उनकी पहचान एक चर्चित बाल साहित्यकार के रूप में हैं इसीलिए ब्लोगोत्सव में उनके अवदान के दृष्टिगत उन्हें वर्ष के श्रेष्ठ बाल साहित्यकार का अलंकरण देते हुए सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है. "जानिये अपने सितारों को" के अंतर्गत प्रस्तुत है उनसे पूछे गए कुछ व्यक्तिगत प्रश्नों के उत्तर-
(१) पूरा नाम :
जा़किर अली 'रजनीश'

(२) पिता/माता का नाम/जन्म स्थान :
श्री नौशाद अली/श्रीमती नूर अपसार/लखनऊ

(३) वर्तमान पता :
पोस्ट बॉक्स नं0- 4, दिलकुशा, लखनऊ-226002
ई मेल का पता :
zakirlko@gmail.com
टेलीफोन/मोबाईल न.
9935923334

(४) आपके प्रमुख व्यक्तिगत ब्लॉग :
मेरी दुनिया मेरे सपने, बालमन एवं हमराही

(५) अपने ब्लॉग के अतिरिक्त अन्य ब्लॉग पर गतिविधियों का विवरण :
'तस्लीम', 'साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन' एवं 'सर्प संसार'  का संचालन।

(६) अपने ब्लॉग के अतिरिक्त आपको कौन कौन सा ब्लॉग पसंद है ?
सकारात्मक लेखक के सभी ब्लॉग

(७) ब्लॉग पर कौन सा विषय आपको ज्यादा आकर्षित करता है?
सच्चाई और ईमानदारी से जुडे़ सभी विषय।

(८) आपने ब्लॉग कब लिखना शुरू किया ?
लगभग 5 साल पहले।

(९) यह खिताब पाकर आपको कैसा महसूस हो रहा है ?
जैसा होना चाहिए, अर्थात खुशी।

(१०) क्या ब्लोगिंग से आपके अन्य आवश्यक कार्यों में अवरोध उत्पन्न नहीं होता ?
थोडा़ बहुत तो होता ही है।

यदि होता है तो उसे कैसे प्रबंध करते है ?
मैनेज करने की कोशिश चलती रहती है।

(११)ब्लोगोत्सव जैसे सार्वजनिक उत्सव में शामिल होकर आपको कैसा लगा ?
हार्दिक प्रसन्नता हुई।

(१२) आपकी नज़रों में ब्लोगोत्सव की क्या विशेषताएं रही ?
एक मंच पर इतने रचनाकारों की उपस्थिति।

(१३) ब्लोगोत्सव में वह कौन सी कमी थी जो आपको हमेशा खटकती रही ?
कोई नहीं।

(१४) ब्लोगोत्सव में शामिल किन रचनाकारों ने आपको ज्यादा आकर्षित किया ?
सभी नवोदित रचनाकारों ने।

(१५) किन रचनाकारों की रचनाएँ आपको पसंद नहीं आई ?
जिनका नाम नहीं बताऊँगा, वे नाराज़ हो जाएंगे।

(१६) क्या इस प्रकार का आयोजन प्रतिवर्ष आयोजित किया जाना चाहिए ?
हाँ, अच्छा विचार है।

(१७) आपको क्या ऐसा महसूस होता है कि हिंदी ब्लोगिंग में खेमेबाजी बढ़ रही है ?
बिलकुल।

(१८) तो क्या यह हिंदी चिट्ठाकारी के लिए अमंगलकारी नहीं है ?
वो तो है।

(१९) आप कुछ अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में बताएं :
कुछ सकारात्मक एवं सार्थक करने के प्रयत्न में लगा रहता हूँ, बस।

(२०) चिट्ठाकारी से संवंधित क्या कोई ऐसा संस्मरण है जिसे आप इस अवसर पर सार्वजनिक करना चाहते हैं ?
कोई नहीं।

(२१) बहुत धन्यवाद आपका जा़किर भाई आपने अपना बहुमूल्य समय दिया ब्लोगोत्सव को ....!
अरे इसके लिए तो धन्यवाद मुझे देना चाहिए ...आपने यदि इसकी परिकल्पना न की होती तो शायद यह सुयोग नहीं बन पाता।

प्रस्तुति : रवीन्द्र प्रभात

24 comments:

कविता ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 3:09 pm

Jakir ji ko badhayi.

सलीम ख़ान ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 3:29 pm

क्या बात है? ज़ाकिर भाई तुस्सी ग्रेट हो !

राजकुमार जैन 'राजन' ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 3:39 pm

जाकिर जी इस सम्मान के सर्वथा योग्य हैं। उन्हें और आपको इस हेतु बधाई।

राजकुमार जैन 'राजन' ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 3:39 pm

जाकिर जी इस सम्मान के सर्वथा योग्य हैं। उन्हें और आपको इस हेतु बधाई।

mala ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 3:42 pm

जाकिर अली रजनीश जी को बहुत-बहुत बधाईयाँ

पूर्णिमा ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 3:43 pm

बहुत-बहुत बधाईयाँ जाकिर जी को

अमृत ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 3:49 pm

जाकिर अली रजनीश जी को बधाई!

गीतकार /geetkaar ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 3:53 pm

बहुत -बहुत बधाई

सुज्ञ ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 3:54 pm

बधाई ज़ाकिर भाई,
आपके समतोल व्यक्तित्व से परिचय भी हुआ।

Rajeev Roy ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 4:01 pm

जाकिर अली रजनीश जी को बधाई!

Udan Tashtari ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 5:05 pm

बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएँ.

PARAM ARYA ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 5:18 pm

बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएँ.
बच्चों की पढ़ाई के कारण नगर में बसे परंतु खेती के कारण बारम्बार गांव की ओर भागना पड़ता है। यह देखकर मन प्रसन्न है कि जो काम मैं करना चाहता था वह चल रहा है। भंडाफोड़ कार्यक्रम मूलतः स्वामी दयानंद जी का ही अभियान है। इसमें मेरी ओर से सदैव सहयोग रहेगा। कामदर्शी की पोल मैंने अपने ब्लॉग पर खोल ही दी है। अनवर को मैं आरंभ से ही छकाता थकाता आ रहा हूं।

Arvind Mishra ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 5:44 pm

हार्दिक बधाई !

kshama ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 6:21 pm

Bahut,bahut mubarak ho!

Mithilesh dubey ने कहा… 27 जुलाई 2010 को 9:39 pm

जाकिर जी इस सम्मान के सर्वथा योग्य हैं। उन्हें और आपको इस हेतु बधाई।

Akshita (Pakhi) ने कहा… 28 जुलाई 2010 को 9:05 am

रजनीश अंकल तो हम बच्चों के लिए भी खूब लिखते हैं..बधाई.
___
'पाखी की दुनिया ' में बारिश और रेनकोट...Rain-Rain go away..

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा… 28 जुलाई 2010 को 11:00 am

आप सबके स्नेह एवं शुभकामनाओं के लिए हार्दिक आभार।

महफूज़ अली ने कहा… 28 जुलाई 2010 को 4:35 pm

जाकिर भाई को बहुत -बहुत बधाई

अविनाश वाचस्पति ने कहा… 28 जुलाई 2010 को 8:24 pm

विचार लगे स्‍वादिष्‍ट अचार।

वाणी गीत ने कहा… 30 जुलाई 2010 को 1:14 pm

जाकिर अली रजनीश जी को बधाई!

 
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